Sukanya Samriddhi Yojana-SSY के ब्‍याज से जुड़े इस नियम की जानकारी आपको कराएगी बड़ा फायदा 2022

Sukanya Samriddhi Yojana-SSY – सुकन्या समृद्धि योजना यह योजना वर्ष 2015 में आई थी. यह योजना सरकार की तरफ से एक छोटी बचत योजना (Small Saving Scheme) में से एक है। यही एक कारण मान सकते हैं की इस योजना में जमा हुई राशि सुरक्षा के साथ अच्छा ब्याज भी देने की गारंटी देती है।

Sukanya Samriddhi Yojana
Sukanya Samriddhi Yojana-SSY – Image – Google

सुकन्या समृद्धि योजना में किया गया निवेश टैक्स छुट के साथ होता है। इस योजना पर आयकर कानून की धारा 80सी लागू होती है जिसके अंतर्गत टैक्स में छुट का लाभ मिलता है। यही नहीं इस योजना में मैच्योमरिटी पर  के समय जो ब्याज मिलता है वो ब्याज भी टैक्स फ्री ही होता है

Sukanya Samriddhi Yojana-SSY Highlights

  • इस योजना की शुरुवात वर्ष 2015 मे हुई।
  • यह एक सबसे छोटी योजना है जिसमे सबसे अधिक ब्याज मिलता है।
  • इस योजना मे कम से कम 250 और अधिक से अधिक सालाना 1.5 लाख रुपए निवेश कर सकते हैं।

जो अभिभावक अपनी बेटी के विवाह एवं पढ़ाई लिखाई के लिए चिंतित है वो इस Sukanya Samriddhi Yojana-SSY में निवेश करके उन खर्चों को आसानी से पूरा कर सकते हैं। इस योजना में अभिभावक अपनी बेटी का खाता मात्र 250 में खुलवा सकते हैं. आप इस खाते को अपनी नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर खुलवा सकते हैं। हर वर्ष केवल 250 न्यूनतम राशि और अधिकतम राशि 1.50 लाख तक जमा करवा सकते हैं।

अगर आपकी बेटी 10 साल या उससे कम उम्र की है तो अभिभावक या फिर माता-पिता अपनी बेटी का खाता खुलवा सकते हैं. यह योजना 21 वर्ष में मैच्योर हो जाती है. अच्छी बात यह की बेटी के खाते में आपको 15 साल तक ही पैसा जमा करवाना है

Sukanya Samriddhi Yojana-SSY यह नियम जानना है जरूरी

हल के समय में देखा जाए तो इस योजना में वार्षिक जो ब्याज मिलता है वो सालाना 7.6 फीसदी है. इस योजना में प्रत्येक माह की 5 तारीख और अंतिम तारीख में जो बैलेन्स होता है उसी पर ब्याज दिया जाता है। तो देखा जाए आपको जो निवेश करना है वो 5 तारीख से पहले या फिर 5 तारीख तक निवेश करना है अगर अच्छा ब्याज चाहते हैं तो।

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इसलिए जो जो इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं उन्हे ये ध्यान रखना बहुत जरूरी है की अपनी हर किस्त को पाँच तारीख से पहले ही जमा करवा दें। ताकि उन्हे अच्छा ब्याज मिल सके। अगर 5 तारीख के बाद किस्त जमा होती है तो उस माह का ब्याज आपको नहीं मिलेगा और आपको नुकसान होगा।

ब्याज की गणना सुकन्‍या समृद्धि योजना में मासिक आधार पर होती है, मगर जो ब्याज दिया जाता है वो एक वित्त वर्ष के अंत में यानि की 31 मार्च को खाते में आता है। ब्याज की जो गणना की जाती है वो कंपाउंडिंग वार्षिक आधार पर की जाती है. यही एक कारण है की अगर आप हर महीने की 5 तारीख को खाते में पैसे जमा करवाते हैं तो अधिक मुनाफा मिल सकता है।

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